टॉप न्यूज़

विश्व मंच पर गूंजा भारत की एकता का स्वर: सांसद बोले- देश पहले, आतंक के खिलाफ एकजुट

भारत की लोकतांत्रिक ताकत और राष्ट्रीय एकता एक बार फिर वैश्विक मंच पर गूंज उठी, जब विभिन्न राजनीतिक दलों के भारतीय सांसदों ने एक स्वर में कहा – “देश सबसे पहले है, और आतंकवाद के खिलाफ हम सभी एकजुट हैं।” यह संदेश न केवल भारत के अंदरूनी राजनीतिक विमर्श को एक नई दिशा देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी स्पष्ट संकेत देता है कि भारत आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी ताकतों के सामने झुकने वाला नहीं है।

हाल ही में जिनेवा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (IPU) के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसदों ने एक साथ मंच साझा किया और भारत की आतंरिक दृढ़ता, शांति की प्रतिबद्धता और सुरक्षा के मुद्दों पर देश की सामूहिक सोच को प्रस्तुत किया।

राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए एकजुटता

कांग्रेस, बीजेपी, तृणमूल, आप और अन्य क्षेत्रीय दलों के सांसदों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत में राजनीति भले ही विविध हो, लेकिन जब बात देश की सुरक्षा और अखंडता की होती है, तो पूरा देश एक हो जाता है। बीजेपी सांसद ने कहा, “हमारी राजनीतिक विचारधाराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन देश के लिए सोच एक है।” वहीं कांग्रेस प्रतिनिधि ने जोड़ते हुए कहा, “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, पूरे देश की है।

आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट रुख

सांसदों ने मंच से स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंक को “सीमापार प्रायोजित” करार दिया और वैश्विक समुदाय से मांग की कि वह ऐसे देशों पर दबाव बनाए जो आतंक को पनाह देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अगर किसी ने उसकी संप्रभुता को चुनौती दी तो जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा रवैया छोड़कर एक स्पष्ट नीति अपनाए। “आतंक कहीं भी हो, कैसा भी हो, वह मानवता के खिलाफ है,” ऐसा बयान देते हुए उन्होंने भारत की सुरक्षा चिंताओं को वैश्विक फलक पर मजबूती से रखा।

जनता में संदेश: देश पहले

इस पूरी पहल का उद्देश्य न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत का रुख बताना था, बल्कि देशवासियों को भी यह संदेश देना था कि भारत की संसद और नेता जब देशहित की बात आती है, तो एक सुर में बोलते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!