उत्तर प्रदेश में सिपाही भर्ती पूरी तरह पारदर्शी, एक पाई की भी रिश्वत नहीं ली गई: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर पुलिस के नव-नियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए रविवार को कहा कि भर्ती हुए इन कर्मियों को न तो ‘‘एक आना-पाई की रिश्वत देनी पड़ी” और न ही ये भर्तियां खर्ची, पर्ची और जाति के आधार पर हुई हैं। यहां डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित समारोह में नव-नियुक्त 60,244 सिपाहियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शाह ने कहा, ‘‘पहले के जमाने में कई प्रकार की भर्तियां हुई और इस प्रकार की रैली भी हुई, लेकिन इस बार संख्या सबसे ज्यादा है।” उन्होंने कहा, ‘‘मेरी दृष्टि से संख्या से ज्यादा एक बात महत्वपूर्ण है, मेरे सामने 60,244 युवा बैठे हैं और हिम्मत से कह रहा हूं कि किसी को एक आना-पाई की रिश्वत नहीं देनी पड़ी है। यह पारदर्शिता के साथ भर्ती हुई है। न खर्ची, न पर्ची, न कोई सिफारिश, न जाति के आधार पर…48 लाख आवेदनों में आप सब अपनी योग्यता के आधार पर आए हैं और मैं मानता हूं कि इससे बड़ी उपलब्धि किसी भी शासन के लिए नहीं हो सकती है।
शाह ने कहा, ‘‘हम सबके लिए बड़ा अवसर है लेकिन मेरे सामने बैठे युवाओं का सबसे शुभ दिन है। 60 हजार से अधिक युवा हर जाति, समाज और हर जनपद का प्रतिनिधित्व करते हैं और आज भारत के सबसे बड़े पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। सभी को शुभकामनाएं।” केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश का पुलिस बल देश में सबसे बड़ा है, लेकिन राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ती गयी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी जी मुख्यमंत्री बने तो उत्तर प्रदेश पुलिस नई बुलंदियों को हासिल करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।” शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे सिपाहियों में 12000 से ज्यादा महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि इन महिला सिपाहियों से जब वह मिले तो उनका हौसला, चेहरे पर आत्मविश्वास और आनंद देखकर मन को बड़ा सुकून मिला और महिलाओं के लिए की गई आरक्षण की व्यवस्था का शत प्रतिशत अनुकरण उत्तर प्रदेश में हुआ है।
शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुलिस बल में सुधार का श्रेय देते हुए समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के पुलिस बल में आधुनिकीकरण की शुरुआत हुई लेकिन उत्तर प्रदेश में शुरुआत तीन साल देरी से हुई। 2014 से 2017 तक भारत सरकार की कोई सुधार प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ती थी। 2017 में योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सुधार प्रक्रिया शुरू हुई।” केन्द्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि आज तक जाति के आधार पर भर्तियां होती थी, लेकिन तकनीक से आप सभी को ताकत मिली है और प्रौद्योगिकी के कारण पारदर्शिता से आप सबकी नियुक्ति हुई है। उनके मुताबिक, पीसीआर वाहन और 150 से ज्यादा ‘ऑन व्हील्स’ एफएसएल की यूनिट लोगों को न्याय दिलाने के काम में लगी हैं। शाह ने कहा ”आप सभी को इसे आगे ले जाना है। सुरक्षा सेवा और संवेदनशीलता इन तीनों के मंत्र के साथ आप आगे बढ़ेंगे इसका मुझे भरोसा है।” उन्होंने प्रतिभागियों से सुरक्षा, सेवा और संवेदनशीलता के मंत्र के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि उप्र पुलिस का डर गुंडों और माफियाओं पर सख्त होना चाहिए, लेकिन गरीब, पिछड़े, और आदिवासी समुदायों के लिए पुलिस को मसीहा के रूप में दिखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘भारत 2047 तक वैश्विक नेता बनेगा, उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि इसने सभी को कड़ा संदेश दिया। शाह ने कहा, ‘‘मैं दोहराता हूं, 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा।”


