सरकारी राशन बेचते हुए दुकानदार के बेटे को रंगेहाथ पकड़ा, मुकदमा दर्ज
✍️आर.एस.तिवारी
लखनऊ में सरकारी राशन बेचते हुए कोटेदार का बेटा पकड़ा गया है। वह 13 बोरियों में चावल ले जा रहा था। इसे बेचने के बाद कोटेदार पिता को कमीशन देता था। जानकारी मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर एक टीम बनाई गई। इसमें क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सतीश कुमार, श्रद्धा श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक हर्ष मिश्रा और अशोक चौरसिया शामिल थे।
टीम ने पीजीआई थाना पुलिस को साथ लिया और कोटेदार के बेटे को राशन बेचने के लिए ले जाते समय रंगेहाथ पकड़ लिया। मामला 27 जून का है, लेकिन जिलाधिकारी के आदेश के बाद दोनों बाप-बेटे पर 28 को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। थाना क्षेत्र के ग्राम विरुरा (अब नगर निगम क्षेत्र में) के उचित दर विक्रेता रामचंद्र का बेटा अनुज यादव राशन बेचते पकड़ा गया।
थाना परिसर में जब डाला की जांच हुई तो 13 बोरियों में कुल 8.51 कुंटल चावल और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन मिली। पूछताछ में अनुज यादव ने माना कि वह अपने पिता के नाम की उचित दर दुकान का संचालन करता है और कार्डधारकों को 1-2 किलो कम देकर बचा हुआ चावल कालाबाजारी में बेचता है।
इसमें मिलने वाले रुपए में से एक हिस्सा वह पिता को भी देता है। डाला में मौजूद दूसरा व्यक्ति अरुण साहू निवासी मोहीद्दीनपुर, मोहनलालगंज ने बताया कि वह चावल खरीदकर अनुज यादव के साथ बेचने ले जा रहा था।
पूर्ति विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, माह जून और जुलाई 2025 का कुल स्टॉक 1.45 क्विंटल गेहूं और 1.62 क्विंटल चावल होना चाहिए था।अनुज यादव ने खुद स्वीकार किया कि घटतौली से बचे चावल को कालाबाजारी हेतु ले जाया जा रहा था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उचित दर विक्रेता रामचंद्र द्वारा नियमित रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हेराफेरी की जा रही थी।
पूर्ति टीम ने डाले में मिले चावल, तौल मशीन को उचित दर विक्रेता गिरीश चंद्र गुप्ता (हजरतगंज क्षेत्र) की सुपुर्दगी में और डाला वाहन पीजीआई थाने की सुपुर्दगी में दिया है।पुलिस ने अनुज यादव व अरुण साहू को हिरासत में ले लिया है, जबकि विक्रेता रामचंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए नामजद किया गया है।



