प्रधानमंत्री मोदी का 5 दिवसीय अहम दौरा, 3 देश और G7 समिट में करेंगे शिरकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून 2025 को तीन देशों की यात्रा की शुरुआत की, जिसमें साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया शामिल हैं। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत की वैश्विक कूटनीति को सुदृढ़ करना और जी7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाना है।
यात्रा के मुख्य उद्देश्य और कार्यक्रम
-
साइप्रस यात्रा: प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
-
कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन: कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भाग लिया। यह उनका एक दशक में पहला दौरा है। इस दौरान, उन्होंने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संभावित मुलाकात की, जिसमें वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, तकनीकी सहयोग और आपसी संबंधों पर चर्चा की संभावना जताई गई।
-
क्रोएशिया यात्रा: प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का अंतिम पड़ाव क्रोएशिया था, जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी
जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ग्लोबल साउथ’ के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एकाधिकार को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया और यह सुनिश्चित करने की बात की कि प्रौद्योगिकी समावेशी समाज की नींव रखने में सहायक हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अफ्रीका और भूमध्य क्षेत्र के महत्व को भी रेखांकित किया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी की जी7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने उन्हें “बेहद उजागर” कर दिया है। हालांकि, उन्होंने इस टिप्पणी के संदर्भ में अधिक जानकारी नहीं दी।
यह यात्रा भारत की विदेश नीति को सुदृढ़ करने और वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



