मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना!

(विनोद दीक्षित की खास रिपोर्ट)
यूपी में ईद उल अजहा पर झुके लाखों सिर,अमन की दुआ में भीगी फिजा, ताज महल से लेकर पूर्वांचल तक फैला मुहब्बत का पैगाम!
कुर्बानी की रूहानी रोशनी और मोहब्बत के पैग़ाम के साथ ईद उल अजहा (बकरीद) इस बार उत्तर प्रदेश में अद्भुत शांति, आस्था और भाईचारे के माहौल में मनाई गई। जैसे ही सुबह की पहली किरण फिजाओं में उतरी, मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदत मंदों की जमातें सजदे में झुक गईं। हर जुबान पर एक ही दुआ थी—मुल्क में अमन, तरक्की और इंसानियत का बोलबाला।
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह, टीले वाली मस्जिद और आसिफी मस्जिद में नमाज के लिए भारी भीड़ उमड़ी। अकीदतमंदों ने खुदा से रहमतें मांगीं और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
सुरक्षा के लिहाज से भी प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। राजधानी को पाँच ज़ोन और 18 सेक्टर में बांटा गया, हर संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन से निगरानी की गई और अफसरों ने खुद रूट मार्च किया।
आगरा में ताजमहल की शाही मस्जिद में नमाज के बाद दो घंटे तक आमजन के लिए मुफ्त प्रवेश दिया गया, जहाँ नमाजियों और पर्यटकों ने एक साथ ईद की रौनक का लुत्फ उठाया। फतेहपुर सीकरी, शिकोहाबाद और फिरोजाबाद में भी उत्साहपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल रहा।
पूर्वांचल के वाराणसी, बलिया, देवरिया, गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ में मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के साथ मोहब्बत और मिल्लत का पैगाम दिया गया। हर ओर भाईचारे की फिजा महसूस हुई।
अमेठी की जामा मस्जिद में मौलाना साजिद रज़ा ने खुतबा देते हुए कहा, “ईद सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का जरिया है।श्रावस्ती में डीएम और एसपी ने खुद इबादतगाहों का दौरा कर शांति व्यवस्था का जायज़ा लिया। सीतापुर के खैराबाद में पेश इमाम डॉ. इलियास कासमी ने खुले में या प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से परहेज़ की अपील की। मुतवल्ली इकराम हुसैन ने गंगा-जमुनी तहजीब पर जोर देते हुए कहा, “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।
अंबेडकरनगर के टांडा, किछौछा और नगर ईदगाहों में डीएम अनुपम शुक्ला और एसपी केशव कुमार ने लोगों को बधाई दी और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की अपील की।
गोंडा के पटेल नगर ईदगाह में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा की और मुल्क की सलामती के लिए दुआ की। सुरक्षा व्यवस्था यहां भी बेहतरीन रही।
प्रदेशभर में 94 ईदगाहों और 1200 से अधिक मस्जिदों में ड्रोन से निगरानी हुई। पुराने लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार और डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने रूट मार्च कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
धर्मगुरु मौलाना फारुख, इकराम हुसैन समेत कई लोगों ने खुले में कुर्बानी न करने की अपील करते हुए कहा कि “धार्मिक परंपराओं का पालन शांति और सलीके से किया जाए।”
इस ईद ने साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश की सरज़मीन पर आज भी गंगा-जमुनी तहजीब ज़िंदा है जहाँ मजहब से ऊपर उठकर मोहब्बत, इंसानियत और एकता का परचम लहराता है।
खबर लखनऊ से विनोद दीक्षित की खास रिपोर्ट।


