लखनऊ कोर्ट में चौथी बार भी गैरहाज़िर रहे राहुल गांधी, वकील ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई तक मोहलत मांगी”

मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लखनऊ की एसीजेएम-3 कोर्ट में चौथी बार भी नहीं पेश हुए। शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने इसे कोर्ट की अवमानना करार देते हुए गैर-जमानती वारंट जारी करने की अपील की है। वहीं, राहुल गांधी के वकील ने कहा कि पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पेंडिंग है, इसलिए तब तक का समय दिया जाए। लखनऊ निवासी 63 वर्षीय उदय शंकर श्रीवास्तव ने राहुल गांधी पर धारा 500 आईपीसी (मानहानि) में मुकदमा दर्ज कराया है। ट्रायल कोर्ट ने 11 फरवरी 2025 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। अब तक 24 मार्च, 29 अप्रैल, 17 मई और 4 जून को पेशी के लिए तारीख तय हुई, लेकिन चारों बार राहुल गांधी पेश नहीं हुए। शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने कहा, “राहुल गांधी की गैरहाजिरी के पीछे दिए गए कारण असत्य हैं। उन्होंने अब तक कोर्ट के सामने कोई प्रमाण या हलफनामा भी नहीं दिया कि वो क्यों नहीं आ सके। राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में 482 सीआरपीसी के तहत याचिका दाखिल की थी, जिसे 29 मई 2025 को खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है, इसलिए ट्रायल चलेगा। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी, हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच ने कहा था कि “निचली अदालत का समन आदेश वैधानिक है और इसमें कोई कानूनी त्रुटि नहीं पाई गई।” राहुल गांधी के वकील प्रंशु अग्रवाल ने लखनऊ कोर्ट से 4 जून की पेशी टालने का अनुरोध किया। कहा कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई 2025 तक अवकाश है, इसलिए मामले की डिफरमेंट (स्थगन) की मांग की गई। राहुल गांधी कोर्ट का सम्मान करते हैं और जानबूझकर पेशी से नहीं बच रहे हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने 16 दिसंबर 2022 राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया गया था। आरोप लगाया था कि राहुल ने सेना का मजाक उड़ाकर उनकी मानहानि की है। उदय शंकर ने कोर्ट को बताया था कि राहुल का बयान सच नहीं है और इससे सेना और सैनिकों के परिवारों का मनोबल गिराने का प्रयास किया गया।




