जालौन की महिला का शव उत्तराखंड में मिला, प्रेम प्रसंग की आशंका पर जांच में जुटी पुलिस

जालौन के डकोर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 30 वर्षीय पुष्पा देवी के लापता होने के बाद उनका शव 7 जून को उत्तराखंड के नैनीताल के भीमताल क्षेत्र में झील किनारे अर्द्धनग्न अवस्था में मिला। परिजनों की पहचान के बाद शव पुष्पा देवी का निकला। जिसकी गुमशुदगी जालौन कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। फिलहाल पुलिस हत्या और प्रेम प्रसंग दोनों पहलुओं पर जांच में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, पुष्पा देवी पत्नी ऋषि तिवारी, 27 मई को अपने पति के साथ मायके जालौन के चुर्खी रोड स्थित गंगाधाम के पास आई थीं। पति ऋषि तिवारी उसे मायके छोड़कर डकोर लौट गया। रात में जब उसने पुष्पा को फोन किया तो संपर्क नहीं हो पाया। 28 मई को वह दोबारा ससुराल पहुंचा और पुष्पा के बारे में ससुर रामकुमार गोस्वामी और सास निर्मला देवी से जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पुष्पा रात से ही लापता है। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर जालौन कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस बीच 7 जून को उत्तराखंड के हल्द्वानी थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमताल शहर में झील किनारे एक महिला का अर्द्धनग्न शव मिलने की सूचना मिली। उत्तराखंड पुलिस ने शव की तस्वीरें आसपास के जिलों में भेजी। जिसके बाद जालौन पुलिस को इसकी जानकारी हुई। पुष्पा के परिजन पुलिस टीम के साथ भीमताल पहुंचे और शव की पहचान की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस को पुष्पा के किसी युवक से प्रेम संबंध होने की आशंका की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुष्पा 27 मई को घर से बाजार जाने के बहाने निकली थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। अब पुलिस पुष्पा के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह उत्तराखंड कैसे पहुंची और किन लोगों के संपर्क में थी। फिलहाल जालौन और उत्तराखंड पुलिस इस रहस्यमयी मौत की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुष्पा अपने पीछे दो पुत्र सिद्धार्थ और कार्तिक को छोड़ गई है। उसकी शादी को करीब 11 वर्ष हो चुके थे।


