*जागो भूमि पुत्रों” की हुंकार! 2027 विधानसभा चुनाव में सौ सीटों पर उतरेगी एजेपी, उन्नाव से दो जीत का दावा—डॉ आर.सी. मिश्र का एलान*
✍️विनोद दीक्षित

उत्तर प्रदेश के उन्नाव की धरती से एक नई सियासी चेतना की हुंकार उठी है। ‘अपनी जनतांत्रिक पार्टी’ (एजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर.सी. मिश्र ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश की 100 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और उन्नाव से कम से कम दो सीटें जीतने का दावा किया है।
यह ऐलान उन्होंने नगर के शीतलगंज मोहल्ले में जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र विक्रम सिंह के आवास पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किया। इस सम्मेलन में जिले भर के पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से बोलते हुए डॉ मिश्र ने ‘जागो भूमि पुत्रों, जागो’ जन-जागरण अभियान की जरूरत और उसकी मजबूती पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता का माहौल है। जनता भय और दहशत में जी रही है। सरकार आम आदमी की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर हो गई है। ऐसे में एजेपी का अभियान सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और अधिकारों की लड़ाई है।
डॉ मिश्र ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना होगा। “हमें सिर्फ चुनाव जीतने नहीं, बल्कि लोगों का भरोसा जीतने मैदान में उतरना है,” उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि जनता अब विकल्प चाहती है और एजेपी जनता के सामने एक ईमानदार, सक्रिय और जनसरोकार से जुड़ी पार्टी के रूप में खड़ी होगी।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद शर्मा (खेखेड़ी), प्रदेश उपाध्यक्ष जयशंकर अवस्थी, विवेक श्रीवास्तव, मंजू पटेल, डॉ देवीरत्न वर्मा, डॉ दिनेश चंद्र गौतम, विनीत अग्निहोत्री और मानिक चंद्र तिवारी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सभी ने पार्टी की रणनीति और जनसंपर्क के माध्यमों को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र विक्रम सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है और सभी ब्लॉकों में कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा से काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर ज्ञान शुक्ल, सुशील मिश्र, रामआसरे, नेहा सिंह, अलका पटेल, अंजली गुप्ता, ममता, मनोज कुमार, मयंक शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने पार्टी की रणनीति को सराहा और आगामी चुनावों के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में यह स्पष्ट हो गया कि एजेपी अब सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि एक विचारधारा, एक आंदोलन के रूप में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। पार्टी का यह आत्मविश्वास और जमीनी रणनीति उसे आने वाले समय में एक मजबूत विकल्प के तौर पर सामने ला सकती है।
2027 के चुनावी रण में एजेपी की यह हुंकार प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। अब देखना यह होगा कि ‘जागो भूमि पुत्रों’ का यह नारा कितनी दूर तक गूंजता है और जनता उसे कितना समर्थन देती है।


