12 बंकरभेदी बमों और 30 टॉम हॉक मिसाइल से परमाणु संयंत्रों पर हमला, ईरान-इजरायल युद्ध में कूदा अमेरिका

अमेरिका भी आखिरकार इजरायल-ईरान युद्ध के 10वें दिन जंग में कूद गया. उसने तीन प्रमुख परमाणु संयंत्रों फोरडो, नातांज और इस्फहान पर 12 बंकर बस्टर बम और 30 टॉम हॉक मिसाइलों से हमला बोला. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी बमवर्षक विमान बी2 बॉम्बर्स ने जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बने फोरडो न्यूक्लियर साइट पर छह बी-2 बॉम्बर्स के जरिये 12 जीबीयू-57 एमओपी बम गिराए. इनमें से हर बम 14 टन वजन का था. जबकि नातांज और इस्फहान पर मिसाइलों से हमला किया.
अमेरिका भी आखिरकार इजरायल-ईरान युद्ध के 10वें दिन जंग में कूद गया. उसने तीन प्रमुख परमाणु संयंत्रों फोरडो, नातांज और इस्फहान पर 12 बंकर बस्टर बम और 30 टॉम हॉक मिसाइलों से हमला बोला. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी बमवर्षक विमान बी2 बॉम्बर्स ने जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बने फोरडो न्यूक्लियर साइट पर छह बी-2 बॉम्बर्स के जरिये 12 जीबीयू-57 एमओपी बम गिराए. इनमें से हर बम 14 टन वजन का था. जबकि नातांज और इस्फहान पर मिसाइलों से हमला किया.
अमेरिकी हमला ईरान-इजरायल युद्ध की आग को और भड़का सकता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का इरादा ईरान के परमाणु हथियारों की क्षमता को खत्म करना था. उम्मीद है कि अब ईरान शांति के साथ वार्ता को तैयार होगा. उसने फिर हमले किए तो विनाशकारी परिणाम होंगे. हालांकि ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर हमले का ऐलान कर दिया है. अमेरिकी स्टील्थ बॉम्बर्स ने बंकर बस्टर बमों से ईरान में नातांज और फोरडो में जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बंकरों में बने न्यूक्लियर प्लांट्स को निशाना बनाया .
इजरायल की ओर से ये पहले ही कहा जा रहा था कि ईरान के फोरडो जैसे परमाणु संयंत्रों को ध्वस्त करने के लिए अमेरिका के भारी बमवर्षक B2 Bombers विमानों और उसके जरिये दागे जाने वाले एमओपी बमों की जरूरत होगी. मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि अमेरिकी एयरबेस से ऐसे स्टील्थ बमवर्षक विमान दो दिन पहले रवाना हुए थे. मध्य पूर्व में अमेरिका के चार युद्धपोत भी पिछले कुछ दिनों में पहुंचे थे. इसमें USS Nimitz और यूएसएस कार्ल विन्सन शामिल हैं.




