भैंस ले गए, बैटरी उड़ा ले गए, अब शराब ठेके से पंखा भी खोल ले गए… मौरावां में चोरों का जलवा, पुलिस ‘फाइलों’ में उलझी!
भैंस ले गए, बैटरी उड़ा ले गए, अब शराब ठेके से पंखा भी खोल ले गए... मौरावां में चोरों का जलवा, पुलिस 'फाइलों' में उलझी!
(विनोद दीक्षित की खास रिपोर्ट!)
भैंस ले गए, बैटरी उड़ा ले गए, अब शराब ठेके से पंखा भी खोल ले गए… मौरावां में चोरों का जलवा, पुलिस ‘फाइलों’ में उलझी!
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की मौरावां थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब न उन्हें रात का डर है, न कानून का। गांव-गांव घूमकर चोर न सिर्फ भैंस, बकरी और बैटरी चुरा रहे हैं, बल्कि अब तो शराब के ठेके से पंखा खोलते हुए भी सीसीटीवी में कैद हो गए हैं। ताज्जुब की बात यह है कि ये सारी वारदातें पुलिस की नाक के नीचे हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है।सबसे ताजा मामला चिलौली गांव का है, जहां 30 तारीख की रात अज्ञात चोर एक भैंस को डाले में लादकर रफूचक्कर हो गए। भैंस के मालिक महेश प्रसाद साहू ने बताया कि रोज की तरह रात 12 बजे के करीब उन्होंने भैंस को चारा-पानी देकर बांधा और सोने चले गए। सुबह जब उठे तो रस्सी खाली थी और 90 हजार रुपये की भैंस गायब!
महेश ने 31 तारीख को मौरावां थाने में सूचना दी, पुलिस ने कहा — “हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे”, लेकिन चौबीस घंटे बीत गये, न भैंस का पता चला, न चोरों का।इससे पहले भी इसी चिलौली गांव में एक घर से ई-रिक्शा की बैटरी चुराई जा चुकी है। वहीं बगल के पसरिया गांव में चोर तीन बकरियां उठा ले गए थे। इन सभी मामलों में पुलिस ने न तो कोई गिरफ्तारी की, न कोई खुलासा।अब इस सिलसिले में नया मामला सामने आया है — निरही खेड़ा मोड़ पर स्थित देशी शराब के ठेके से चोर एक पंखा खोलते हुए साफ-साफ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। विडंबना देखिए, चोर का चेहरा भी कैमरे में दिख गया लेकिन पुलिस आज तक उसे ढूंढ नहीं पाई। वीडियो वायरल हो चुका है, लेकिन थाना प्रशासन मानो आंख मूंदे बैठा है।
बरेदा गांव में तो बीते साल तीन बड़ी चोरी की घटनाएं हुई थीं, लेकिन उनमें भी कोई खुलासा नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि मौरावां थाना क्षेत्र अब अपराधियों के लिए ‘सेफ जोन’ बन चुका है।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस सिर्फ कागजी खानापूरी करती है, न रात्रि गश्त होती है, न संदिग्धों की पूछताछ। अब तो हालत यह है कि लोग दिन में भी अपने मवेशी और सामान की सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं।चिलौली, पसरिया, बरेदा और निरही खेड़ा जैसे गांवों में एक बात समान हो गई है — चोरी होना तय है, बस नंबर किसी का भी लग सकता है।गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि मौरावां क्षेत्र में सक्रिय चोर गिरोहों पर नकेल कसी जाए और निष्क्रिय पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वरना, जनता को खुद हथियार उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।अब देखना यह है कि क्या पुलिस ‘कसर नहीं छोड़ने’ की अपनी घोषणा को जमीन पर उतारेगी या फिर मौरावां में चोरी की अगली वारदात की खबर फिर से सोशल मीडिया और अखबारों की सुर्खियों में होगी।


