इश्क़ में अंधी हुई कलयुगी ममता, छह मासूमों को छोड़ भांजे संग भागी मां, रिश्तों का खून कर पति को तन्हा छोड़ गई!
✍️विनोद दीक्षित की खास रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और ममता दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक मां, जिसने कभी अपने बच्चों की पहली मुस्कान पर खुद को भुला दिया होगा, वही अब इश्क़ की आग में इस कदर झुलसी कि छह मासूम बच्चों को बेघर और बेसहारा छोड़कर अपने ही भांजे के साथ फरार हो गई।
पति हसीन अहमद के आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि कलयुग अब सिर्फ पुराणों की कल्पना नहीं, हकीकत बन चुका है। गुरुवार को वह अपने सभी छह बच्चों को गोद और कंधे पर उठाए एसपी कार्यालय पहुंचा—मदद की आस, टूटे विश्वास और दिल में उठते हजार सवालों के साथ। उसने सीओ सिटी को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि उसका भांजा छोटू, जो अक्सर उनके घर आता था, उसकी पत्नी शहजादी के साथ प्रेम संबंध में पड़ गया।
परिवार ने लाख मिन्नतें कीं, रिश्तों की दुहाई दी, पर इश्क़ के नशे में चूर मामी-भांजे ने हर सीमा लांघ दी। 4 मई की दोपहर दोनों घर से फरार हो गए। जाते-जाते शहजादी घर की जमा-पूंजी, जेवर और जरूरी सामान भी समेट ले गई—लेकिन जो चीज वो सबसे पहले और बेशर्मी से छोड़ गई, वो थे उसके मासूम बच्चे।
पति हसीन की बातों में दर्द साफ झलकता है—उसने कहा, “जिस स्त्री ने मेरे साथ सात फेरे लिए, उसी ने मेरे ही भांजे संग भागकर मेरे रिश्ते, मेरा घर और मेरे बच्चों का भविष्य सब कुछ लूट लिया।” अब हसीन अपने छह बच्चों के साथ अकेले जीवन की जंग लड़ रहा है। बच्चों की आंखें हर वक्त मां को ढूंढती हैं, लेकिन जवाब में मिलता है बस सन्नाटा और टूटे सपनों की चीख।
यह मामला केवल प्रेम-प्रसंग नहीं, एक पूरे परिवार के विश्वास के कत्ल की कहानी है। रिश्तों की आड़ में छल, ममता के नाम पर कलंक और मोहब्बत के नाम पर मयाजाल रचाने वाली यह घटना कलयुग के उस चेहरे को दिखाती है, जिसमें खून के रिश्ते भी अब स्वार्थ और वासना के आगे बौने साबित हो रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वह मां लौटेगी जो अपने बच्चों के साथ-साथ रिश्तों की पवित्रता को भी अनाथ छोड़ गई? खबर यूपी के उन्नाव से विनोद दीक्षित की खास रिपोर्ट।




